India News: नूंह में रविवार सुबह हालात अचानक बदल गए, जब दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी उमर की इलाके में मौजूदगी की पुष्टि हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और हिदायत कॉलोनी की वह गली पूरी तरह सील कर दी गई, जहां उमर करीब दस दिन तक ठहरा था। सुबह-सुबह गली के दोनों छोर पर बैरिकेड लगाकर पुलिस ने प्रवेश रोक दिया और घर-घर जाकर लोगों की पहचान व गतिविधियों का सत्यापन शुरू किया।

नूंह एसपी राजेश कुमार खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने उस मकान का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें उमर रुका था। अंदर रहने वालों से बात कर यह जानने की कोशिश की गई कि उमर किसके साथ आया, किस समय निकलता और लौटता था, और उसके व्यवहार में ऐसी कौन सी बातें थीं जो शक पैदा कर सकती थीं।

उधर जांच एजेंसियों की टीमें पूरे दिन सीसीटीवी फुटेज खंगालती रहीं। शहर के अलग-अलग हिस्सों से कैमरा रिकॉर्डिंग उठाई गई, ताकि उमर की हर मूवमेंट को जोड़ा जा सके। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि उमर नूंह से किस रास्ते निकला और वर्तमान में वह कहां है।

 “उमर को ठिकाना देने वाले दो लोग गिरफ्तार”

पुलिस ने इस बीच दो लोगों—शोयब और रिजवान—को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने उमर को ठहरने की जगह उपलब्ध कराई। जांच में पता चला कि शोयब अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रिशियन था और मकान मालिक महिला का रिश्तेदार भी है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या उन्हें उमर की असली पहचान का अंदाजा था या उन्होंने जानबूझकर मदद की।

इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस बारीकी से निगरानी कर रही है। लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए एजेंसियां हर सुराग को गंभीरता से जांच रही हैं।

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