रांची: राजधानी रांची एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और साझा उत्सवों की मिसाल पेश करने को तैयार है। आगामी ईद, सरहुल और रामनवमी के महापर्वों को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। रविवार को समाहरणालय में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक संपन्न हुई।
एक मंच पर जुटे सभी धर्मों के प्रतिनिधि
बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महावीर मंडल, केंद्रीय सरना समिति, अंजुमन इस्लामिया, गुरुनानक समिति और पंजाबी हिंदू बिरादरी जैसे तमाम संगठनों के प्रतिनिधि एक छत के नीचे नजर आए। उपायुक्त ने इन सभी समितियों की सराहना करते हुए कहा कि रांची ने हमेशा सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की है और इस बार भी हम सबको मिलकर इसे कायम रखना है।
सुझावों पर होगा तुरंत अमल
शांति समिति के सदस्यों ने पर्वों के दौरान सफाई, निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति और जुलूस के रास्तों की मरम्मत जैसे मुद्दे उठाए। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने इस बार बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का फैसला लिया है। साथ ही, भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों को ‘नो टॉलरेंस’
बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर है। भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों या अफवाह फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी ने कहा, “कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सख्त और नजीर बनने वाली होगी।”
ग्राउंड जीरो पर उतरेंगे अधिकारी
उपायुक्त ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय शांति समितियों के साथ बैठकें करें। जुलूस के मार्गों और अखाड़ों का भौतिक सत्यापन किया जाए ताकि ऐन वक्त पर कोई बाधा न आए। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी डर और असुविधा के अपने आराध्य की उपासना कर सकें। बैठक के अंत में सभी समुदायों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे आपसी भाईचारे और गरिमा के साथ इन त्योहारों को मनाएंगे, जिससे पूरे देश में रांची की एकता का संदेश जाए।



