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Ranchi News: राजधानी रांची सावन के पहले सोमवार को शिवमय हो गई है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में देखने को मिल रही हैं। खासकर पहाड़ी मंदिर, चुटिया स्थित सुरेश्वर धाम, कोकर शिव मंदिर, लालपुर, डोरंडा, बरियातू, हिनू, हरमू, और थड़पकना के शिवालयों में श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
स्वर्णरेखा नदी से लाया जल, भोलेनाथ को चढ़ाया गया
रविवार देर रात से ही श्रद्धालु नामकुम के पास स्थित स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल लेकर पैदल ही पहाड़ी मंदिर की ओर कांवड़ यात्रा करते दिखाई दिए। सोमवार की भोर में ही शिवभक्तों ने जलाभिषेक की शुरुआत कर दी थी। हर ओर से “हर हर महादेव”, “ओम नमः शिवाय”, “बोल बम”, और “हर हर शंभू” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा का खास ध्यान
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की है। पहाड़ी मंदिर के मुख्य मार्ग पर कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग, और फर्स्ट एड की व्यवस्था भी की गई है।
सुखदेव नगर थाना प्रभारी, कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय और अन्य अधिकारी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर हैं, पानी, चप्पल स्टॉल, और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी देखी जा रही है।
सावन की सोमवारी का धार्मिक महत्व
प्रसिद्ध पंडित राजेन्द्र पांडेय ने बताया कि सावन का महीना शिवजी को अत्यंत प्रिय होता है। विशेष रूप से सोमवारी व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, दांपत्य जीवन सुखमय होता है, और स्वास्थ्य में सुधार होता है। भक्त इस दिन निराहार व्रत रखते हैं और भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा, और भस्म अर्पित करते हैं।
शहर में बनी रही भक्ति की अद्भुत छटा
रांची में मौसम भी भक्तों का साथ दे रहा है। हल्की बारिश के बीच भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। मंदिर प्रांगणों में बजते ढोल-नगाड़े, शंख और मंदिर पुजारियों की मंत्रोच्चार के बीच हर कोई भोलेनाथ की भक्ति में लीन दिखा।
अगले सोमवारी को लेकर भी तैयारियां शुरू
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने बताया कि अगले सोमवारी पर भी इसी तरह की तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी अवरोध के दर्शन कर सकें।

