New Delhi — वो दिन अब लद गए जब रसोई में भारी-भरकम लाल रंग का लोहे का सिलेंडर उठाना किसी बड़ी कसरत से कम नहीं होता था। अब आपकी रसोई को स्मार्ट बनाने के लिए मार्केट में फाइबर वाले ‘कंपोजिट’ सिलेंडर आ गए हैं। ये देखने में जितने स्टाइलिश हैं, वजन में उतने ही हल्के और पारदर्शी भी हैं। सबसे बड़ी राहत की बात तो ये है कि अब आपको सिलेंडर हिला-हिलाकर ये नहीं देखना पड़ेगा कि गैस कितनी बची है, क्योंकि इसमें बाहर से ही गैस का लेवल साफ नजर आता है।

इंडियन ऑयल के ‘इन्डेन’ जैसे ब्रांड्स ने इसे ‘एक्स्ट्रालाइट’ के नाम से बाजार में उतारा है। अब अगर आप सोच रहे हैं कि ये आपकी जेब पर कितना असर डालेगा, तो इसका गणित भी समझ लीजिए। 10 किलो वाले फाइबर सिलेंडर में गैस भरवाने का खर्चा करीब 750 से 900 रुपये तक आता है। हां, इसकी सिक्योरिटी मनी थोड़ी ज्यादा है, जो लगभग 3000 से 3500 रुपये तक बैठती है। वहीं अगर आप छोटा यानी 5 किलो वाला सिलेंडर लेना चाहें, तो उसकी गैस करीब 400-500 रुपये में मिल जाती है और सिक्योरिटी करीब 2000-2500 रुपये के आसपास होती है।

दूसरी तरफ हमारा पुराना वाला 14.2 किलो का लाल सिलेंडर है, जिसकी रिफिल आजकल 900 से 1100 रुपये के बीच मिल रही है और सिक्योरिटी भी 2000-2200 रुपये के करीब है। माना कि फाइबर वाले सिलेंडर का शुरुआती खर्चा थोड़ा ज्यादा है, लेकिन इसकी सहूलियतें बेमिसाल हैं। एक तो इसमें जंग लगने का डर नहीं है और दूसरा ये हल्का होने की वजह से उठाना बहुत आसान है।

अक्सर घरों में गैस अचानक खत्म हो जाती है और हमें पता भी नहीं चलता, लेकिन इस पारदर्शी सिलेंडर के साथ ये झंझट ही खत्म हो जाएगा। धीरे-धीरे लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है और आने वाले समय में ये हर घर की जरूरत बनने वाला है। तो भईया, अगर आप भी पुराने सिलेंडर से परेशान हैं, तो ये नया विकल्प आपके काम का हो सकता है।

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