Ranchi News : राजधानी के कांके थाना में पदस्थापित दारोगा गंगाधर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ठाकुरगांव थाना क्षेत्र के उरुगुटु निवासी नौशाद आलम ने झारखंड के डीजीपी को लिखित शिकायत भेजकर कहा है कि एक सूडानी नागरिक से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने पर न केवल उनकी बात को नजरअंदाज किया गया, बल्कि उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई और गाली-गलौज समेत अभद्रता से बात की गई।

शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में कहा है कि उन्होंने कांके थाना में एक विदेशी नागरिक की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर शिकायत की थी। लेकिन दारोगा ने इस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। आरोप है कि दारोगा ने न सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि उल्टा एफआईआर में फंसा देने की धमकी भी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने इस पूरे घटनाक्रम की प्रतिलिपि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी भेजी है। सूत्रों के अनुसार, सूडानी नागरिक से संबंधित मामला संवेदनशील हो सकता है, इसलिए शिकायतकर्ता ने यह कदम उठाया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कांके थाना में विदेशी नागरिकों की निगरानी को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। ऐसे में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

डीजीपी कार्यालय से अब तक इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि शीघ्र ही प्रारंभिक जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।

इधर, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस के इस कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति जागरूकता दिखाकर संवेदनशील सूचना देता है, तो उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि धमकाया जाए। अब यह देखना होगा कि डीजीपी और गृह विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और दारोगा गंगाधर सिंह के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है? इधर, खबर का पक्ष लेने के लिए दारोगा गंगाधर सिंह से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

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