India News: भारत माता की बेटी और आपरेशन सिंदूर के चलते देश भर में प्रशंसा पा रही कर्नल सोफिया कुरैशी के संदर्भ के साथ मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के महू भाजपा विधायक उषा ठाकुर की उपस्थित मे आयोजित एक कार्यक्रम में मंच से बेहद आपत्तिजनक बयान का वीडियो वायरल होने के बाद उनका बयान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गया और विजय शाह के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई FIR के विरूद्ध याचिका
मामले में मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान ले डीजीपी मध्यप्रदेश को चार घंटे में कर्नल सोफिया के खिलाफ आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणी करने वाले मंत्री पर FIR करने के आदेश दे दिए जिसके चलते मंत्री विजय शाह पर कल देर रात मानपुर थाने में FIR दर्ज हो गई।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर की मुख्यपीठ में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला ने मीडिया की खबरों तथा यू ट्यूब और सोशल साइट्स पर वाइरल विडिओ के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते मध्यप्रदेश के DGP (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) को आदेश दिया था कि, बुधवार 14 मई 2025 की शाम तक आरोपी मंत्री विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196(1)(b) और 197(1)(c) के तहत FIR दर्ज की जाए। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश मे डीजीपी को यह ताकीद दी कि, यदि आज शाम तक FIR नहीं दर्ज की गई तो आपके खिलाफ 14 मई 2025 के इस आदेश की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाएगी और दिनांक 15 मई 2025 को इस आदेश के अनुपालन की पुष्टि के लिए तारीख लगा सुनवाई कोर्ट खुलते से ही पहले नंबर पर होगी।
सीएम और पार्टी संगठन को विद्रोह कर दी आदिवासी सेना बनाने की धमकी
हाइकोर्ट के उक्त आदेश के बाद आरोपी मंत्री विजय शाह के खिलाफ मानपुर थाने में FIR तो दर्ज की गई लेकिन न तो विजय शाह ने अपने मंत्रिपद से इस्तीफा दिया और न हीं मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की कार्रवाई की। उधर आरोपी मंत्री विजय शाह ने अपने खिलाफ दर्ज FIR के बाद सीएम और प्रदेश संगठन को इस्तीफा देने से साफ इन्कार करते कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मन्त्री अमित शाह से बात करने के बाद इस विषय पर कोई फैसला करेंगे।
इसके पश्चात विजय शाह भोपाल से प्रस्थान कर अपने विधानसभा क्षेत्र हरसूद के एक रेस्ट हाउस में पहुंचे जहां रात्रि विश्राम के पश्चात अल सुबह अन्यत्र प्रस्थान कर गए अब मानपुर थाना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जगह जगह ढूंढ रही है। हालांकि गायब होने के पहले आरोपी मंत्री उनसे मिलने रेस्ट हाउस पहुंचे उनके समर्थकों को अपने पक्ष में सोशल साइट्स पर पोस्टों और वीडियो के जरिए कैम्पेन चलाने का निर्देश दे गये वहीं हाइकोर्ट के आदेश पर अपने खिलाफ दर्ज FIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी भी कर उनकी और से एओआर शांतनु कृष्णा ने सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती देते याचिका दायर कर उस पर जल्द सुनवाई की मांग भी कर दी है।
जहां तक आरोपी मंत्री विजय शाह को सीएम द्वारा मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने अथवा पार्टी संगठन द्वारा उनसे इस्तीफा लेने की बात है इस मामले में बताया जा रहा है कि आरोपी मंत्री विजय शाह सीएम और पार्टी संगठन दोनों पर ही आदिवासी सेना बनाकर पार्टी के ख़िलाफ़ विद्रोह करने की धमकी देते लगातार दबाव बना रहे हैं और इस हेतु आरोपी मंत्री ने अपने समर्थक नेताओं के जरिए भी पार्टी संगठन और सीएम तक अपनी बात धमकाते हुए पहुंचा दी है। वहीं शायद पार्टी संगठन और सीएम उनके आदिवासी क्षेत्रों में प्रभाव से चिंतित उनके खिलाफ इस्तीफे या बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।



