Guwahati: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने। वे सोमवार को ही पटना से गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए थे। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से पहले सम्राट चौधरी ने नीलांचल पर्वत पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या देवी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।

कामाख्या देवी से मांगी सुख-शांति

दर्शन के बाद अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “नीलांचल पर्वत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी के दर्शन का सौभाग्य मिला। मां कामाख्या से सभी के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।” इससे पहले सम्राट चौधरी कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।

अपराधियों को 48 घंटे का ‘डेडलाइन’

एक तरफ जहां सम्राट चौधरी तीर्थस्थलों के दर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर उनके तेवर बेहद तल्ख हैं। पटना में उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि “पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों पर 48 घंटे के भीतर एक्शन होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। बिहार में कानून का राज हर हाल में स्थापित रहेगा।

विकास की सौगात और ‘सहयोग पोर्टल’

मुख्यमंत्री ने पटनावासियों को मंदिरी नाले पर बनी फोरलेन सड़क का तोहफा दिया है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी। इसके साथ ही उन्होंने ‘सहयोग पोर्टल’ भी लॉन्च किया, जिसके माध्यम से जनता की समस्याओं का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है।

असम में आयोजित इस समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भाजपा शासित राज्यों के कई अन्य मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे, जो एनडीए की मजबूती का बड़ा संदेश दे रहे हैं।

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