Bihar News: CM नीतीश कुमार ने शनिवार को पूर्णिया समाहरणालय में सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य के पांच सीमावर्ती जिलों—पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया और सुपौल—की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक, सैन्य और अर्धसैनिक बलों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय सीमा की निगरानी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों और मानव तस्करी पर रोकथाम जैसे विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने CM को धार्मिक स्थलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे लाइन और पुलों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
CM ने कहा कि भले ही बिहार की सीमा पाकिस्तान से नहीं लगती, लेकिन नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों से सटे जिलों में सतर्कता जरूरी है, खासकर कश्मीर के पहलगाम जैसी घटनाओं के मद्देनज़र। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्ती की जाए, हर व्यक्ति की जांच की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई हो।
बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाक सीमा पर उत्पन्न हालातों को ध्यान में रखते हुए सेना, वायुसेना, बीएसएफ और एसएसबी के अधिकारियों ने अपनी तैयारियों को साझा किया। CM ने इन बलों के साथ राज्य प्रशासन के समन्वय को मजबूत करने का निर्देश दिया।
CM ने कहा कि सभी सीमावर्ती जिलों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए, वरीय पदाधिकारी नियमित गश्त करें और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाए। भारत-नेपाल सीमा पर विशेष चौकसी रखते हुए एसएसबी के साथ मिलकर गश्त करने के आदेश भी दिए गए।
CM ने यह भी कहा कि असामाजिक तत्व या आतंकी संगठन किसी को गुमराह कर अशांति फैला सकते हैं, इसलिए विशेष निगरानी आवश्यक है। बैठक में उप CM सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



