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Madhubani (Bihar): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ आज मधुबनी जिले के झंझारपुर पहुंची, जहां उन्होंने राज्य के विकास को लेकर कई दूरगामी घोषणाएं कीं। अररिया संग्राम में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करना है। इसके लिए उन्होंने ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ का नारा बुलंद किया है।
हर ब्लॉक में आदर्श स्कूल और नई ‘एजुकेशन सिटी’ की तैयारी
शिक्षा व्यवस्था को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक आदर्श विद्यालय और एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्य में एक अत्याधुनिक ‘एजुकेशन सिटी’ के निर्माण की योजना भी साझा की, जो बिहार को शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
5 साल में 1 करोड़ नौकरियां: स्वरोजगार और उद्योगों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए भविष्य का खाका पेश करते हुए कहा कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बिहार में अब केवल खेती ही नहीं, बल्कि उद्योगों का जाल बिछाने की तैयारी है।
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स्टार्टअप नीति: युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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विशेष आर्थिक पैकेज: बिहार में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को सरकार विशेष पैकेज और सुविधाएं दे रही है।
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दक्ष युवा: प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
सात निश्चय-3: अधिकारियों को ‘डेडलाइन’ का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले में चल रही योजनाओं का ब्योरा पेश किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ‘सात निश्चय-2’ के बचे हुए कार्यों को जल्द पूरा करें और ‘सात निश्चय-3’ की योजनाओं पर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम शुरू करें। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए ताकि आम नागरिक का जीवन आसान हो सके।
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