Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद उनके श्राद्धकर्म की रस्में परंपरा और विधि-विधान के साथ जारी हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दशकर्म की अहम रस्म पूरी करते हुए बड़का नाला घाट पर पारंपरिक मुंडन संस्कार कराया। इस दौरान अपने पिता की याद में सीएम की आंखें नम हो गईं और आंसू छलक पड़े। उनके साथ भाई व दुमका विधायक बसंत सोरेन, दोनों बेटे, भतीजे और परिवार के सभी पुरुष सदस्यों ने भी मुंडन की रस्म निभाई।

पुत्रधर्म निभाते हुए सीएम हेमंत ने राजधर्म और राष्ट्रधर्म का भी निर्वहन किया। स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्होंने दशकर्म की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पैतृक गांव नेमरा में बने पक्के हेलीपैड के पास पहली बार ध्वजारोहण किया और पूरे राज्य को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

दिवंगत दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रतिदिन हजारों लोग नेमरा पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री से मिलकर लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। गांव में शोक की गहरी लहर के बीच श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

16 अगस्त (शनिवार) को नेमरा में संस्कार भोज का आयोजन होगा, जिसके लिए व्यापक तैयारी की जा रही है। गांव में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती हो चुकी है। लगभग 10 किलोमीटर तक सड़क किनारे लाइटें लगाई गई हैं और मार्ग में अस्थायी डिवाइडर बनाए गए हैं, ताकि आने-जाने में कोई बाधा न हो।

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, जिससे संस्कार भोज शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। नेमरा में इस मौके पर श्रद्धांजलि और गुरुजी की यादों का साझा होना पूरे झारखंड के लिए भावनाओं से भरा क्षण होगा।

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