New Delhi: अमेरिकी कनेक्टिविटी क्लाउड दिग्गज क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) ने दुनिया भर में अपने 1,100 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी वित्तीय संकट या खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और कंपनी के ढांचे को ‘एजेंटिक एआई युग’ के हिसाब से ढालने के लिए उठाया गया है।

एआई का 600% बढ़ गया इस्तेमाल

कंपनी के एक आंतरिक मेमो के अनुसार, पिछले तीन महीनों के भीतर क्लाउडफ्लेयर की इंजीनियरिंग, फाइनेंस, एचआर और मार्केटिंग जैसी टीमों में एआई का इस्तेमाल 600 प्रतिशत तक बढ़ा है। कर्मचारी अब अपने रोजमर्रा के कामों के लिए एआई एजेंट्स पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं, जिससे कंपनी को अपनी पुरानी कार्यशैली और भूमिकाओं को नए सिरे से तैयार करने की जरूरत महसूस हुई।

क्या है कंपनी का तर्क?

क्लाउडफ्लेयर ने अपने मेमो में कहा, “यह फैसला किसी कर्मचारी की प्रतिभा पर सवाल नहीं उठाता। हम कंपनी की हर प्रक्रिया, टीम और भूमिका को एआई के दौर के हिसाब से रि-डिजाइन कर रहे हैं।” कंपनी का लक्ष्य खुद को पहले से अधिक तेज और नवोन्मेषी (Innovative) बनाना है ताकि वह बाजार की प्रतिस्पर्धा में एआई-आधारित उत्पादों के साथ मजबूती से खड़ी रह सके।

प्रभावित कर्मचारियों को मिला बड़ा सहारा

छंटनी के झटके के बीच कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए एक उदार वित्तीय पैकेज की घोषणा भी की है:

  • पूरा वेतन: नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को 2026 के अंत तक पूरा मूल वेतन दिया जाएगा।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों को इस साल के अंत तक स्वास्थ्य लाभ मिलते रहेंगे।

  • इक्विटी लाभ: 15 अगस्त तक अतिरिक्त इक्विटी वेस्टिंग का लाभ दिया जाएगा। यहां तक कि जिन्होंने एक साल पूरा नहीं किया है, उन्हें भी प्रो-रेटा आधार पर इक्विटी दी जाएगी।

कंपनी ने जोर देकर कहा कि वह इस पुनर्गठन प्रक्रिया को एक ही बार में पूरा करना चाहती है ताकि भविष्य में बार-बार होने वाली छंटनी और अनिश्चितता के माहौल से बचा जा सके। तकनीकी उद्योग में एआई जिस तरह से बिजनेस मॉडल बदल रहा है, क्लाउडफ्लेयर का यह कदम उसी दिशा में एक बड़ी शुरुआत माना जा रहा है।

Read more: शशि थरूर के बेटे ईशान की वॉशिंगटन पोस्ट से छुट्टी, 300 पत्रकार बाहर

Share.
Exit mobile version