World News: भारत के राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में बाल विवाह के बहुत से किस्से आपने सुने होंगे। सरकारें इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए काफी प्रयास भी कर रही हैं। ऐसा नहीं है कि भारत में ही यह कुप्रथा है यह दुनिया के सुपर पॉवर कहे जाने वाले देश अमेरिका भी इस कुप्रथा का शिकार है और कोई कानून उन्हें ये अधिकार नहीं देता कि वह इससे बाहर निकल सकें।
हमांग समुदाय की केट ने झेली है यातनाएं, अब इसे खत्म करने लड़ रही लड़ाई
मीडिया रिपो्ट के मुताबिक अमेरिका की केट यांग एक ऐसे समुदाय से आती हैं, जिसकी जड़ें चीन से जुड़ी हुई हैं। विश्व युद्ध के दौरान उनके समुदाय के लोग अमेरिका में आकर बस गए थे। इस समुदाय का नाम हमांग है और इसमें लड़कियों के पैदा होने को अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन कोई महिला लड़की को जन्म देती है, तो वह शापित मानी जाती है और पैदा होते ही बेटी का भविष्य एक बालिका वधू के रूप में तय हो जाता है। ये कोई सामान्य शादी नहीं होती बल्कि पैसे लेकर बच्चियों को बेच दिया जाता है।
बता दें केट यांग जिसकी जिंदगी की शुरुआत दर्द और डर के साये में हुई। सिर्फ तीन साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गई थी। हमांग समुदाय से ताल्लुक रखने वाली केट का परिवार वियतनाम युद्ध के बाद लाओस से पलायन कर अमेरिका पहुंचा। ये समुदाय काफी रूढ़िवादी होता है, जहां बेटियों को बेकार माना जाता था और उनका एकमात्र उद्देश्य दहेज के लिए बेचा जाना था। केट की मां ने केवल बेटियों को जन्म दिया, जिसके कारण उन्हें शापित कहा गया। उनके पिता ने परिवार को छोड़ दिया और दादा ने उन्हें घर से निकाल दिया था। महज चार साल की उम्र में ही केट को यह डर सताने लगा कि अगर वह बेटा पैदा नहीं कर पाई, तो उनकी जिंदगी भी शापित हो जाएगी।
10 साल की उम्र में केट ने पहली बार अपना जन्मदिन मनाया, लेकिन उसे नहीं पता था कि अगले साल उनकी जिंदगी बदल जाएगी। महज 11 साल की उम्र में उनकी चाची उन्हें वाशिंगटन ले गई। उन्होंने कहा कि वे अपने पांच बच्चों की देखभाल के लिए उसे वहां ले जा रही है लेकिन सच्चाई यह थी कि चाची ने जुए की लत के चक्कर में केट को बेच दिया। 12 साल की उम्र में केट की शादी 18 साल के लड़के से कर दी, जो सिएटल में फूलों के व्यवसाय से जुड़ा था उनके ससुराल वालों ने स्कूल में उनकी शादी का सच छुपाने को कहा और धमकी दी कि अगर ये बात किसी को बताई तो उनकी मां जेल में होगी और भाई-बहन को उससे छिन लिया जाएगा।
मजबूर केट पर शादी के तीन महीने बाद ही शारीरिक और मानसिक अत्याचार शुरू हो गए। उसके पति ने उसे मारा, अपमानित किया और सेक्सुअल हैरेसमेंट का शिकार बनाया। 14 साल की उम्र में वह पहली बार गर्भवती हुई लेकिन पति की मार की वजह से उनका मिसकैरेज हो गया। अगले साल वह फिर प्रेग्नेंट हुई और 15 साल की उम्र में बेटा को जन्म दिया। दो साल बाद एक और बेटा हुआ लेकिन उनकी जिंदगी नहीं सुधरी। उनके साथ होने वाली हिंसा को जायज ठहराया जाता था और केट अपने बच्चों की वजह से घर नहीं छोड़ पा रही थी।
आखिरकार एक दशक बाद केट ने हिम्मत जुटाई और इस नर्क से निकल गईं। केट ने बताया कि उसके साथ जो कुछ हुआ, उसका दर्द बाहर आकर भी खत्म नहीं हुआ। केट आज भी पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से जूझ रही है। फिर भी वह कई संगठनों के साथ मिलकर अमेरिका में बाल विवाह रोकने की लड़ाई लड़ रही है। केट ने वाशिंगटन और वर्जीनिया में बाल विवाह पर रोक लगाने में सफलता पाई, लेकिन कैलिफोर्निया जैसे राज्य में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। मुश्किलों के बाद वाशिंगटन में हाउस बिल 1455 पास कराने में उन्हें मुश्किल हुई।