Dumka : जिले के झाझापाड़ा गांव में गुरुवार को झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने “दीदी की दुकान” कार्यक्रम के तहत एक लाभार्थी महिला को 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की। इस मौके पर उनके साथ उनके पति डी.एन. तिवारी, दुमका डीसी अभिजीत सिन्हा और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने बाबा बासुकीनाथ दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना भी की और इसके बाद लाभार्थी से मुलाकात की। बताया गया कि इससे पहले भी उक्त महिला को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से 30 हजार रुपये तथा बैंक ऋण के माध्यम से 50 हजार रुपये की सहायता दी गई थी। इन निवेशों के सहारे उसने अपनी छोटी दुकान को संचालित करना शुरू किया और धीरे-धीरे उसका कारोबार सशक्त होता गया।

अलका तिवारी ने कहा कि झारखंड में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए “दीदी की दुकान” जैसी योजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे सूक्ष्म उद्यम न केवल महिलाओं की आजीविका को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने में भी अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि इस तरह के प्रयासों को और व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस पहल से लाभान्वित हो सकें।

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