चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जाने वाली मुख्य सड़क पर पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। यह महत्वपूर्ण सड़क अब तालाब में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना मरीजों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम जनता के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। खासकर बरसात के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है।

मरीजों की दुर्दशा और बीमारियों का खतरा

घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना लोगों की मजबूरी बन गई है। इससे न सिर्फ उनके कपड़े और जूते खराब हो रहे हैं, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं इस भयावह स्थिति में बेहद खतरनाक परिस्थितियों से गुजरने को मजबूर हैं। उनकी मुश्किलें देखकर दिल दहल जाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर

स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को भी अपनी ड्यूटी पर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो उन्हें जलजमाव के कारण छुट्टी लेने पर मजबूर होना पड़ता है, जिसका सीधा और गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।

स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की आवाज़

निशांत कुमार और प्रकाश लकड़ा जैसे स्थानीय निवासियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल का निर्माण कर रहे संवेदक को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेताया, “अभी वर्षा ऋतु को आए हुए केवल एक महीना हुआ है, अभी दो महीने और बाकी हैं। यदि इस पर अविलंब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हमारी परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी।”

जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “सरकार ने हमें अनुमंडल स्तरीय अस्पताल तो दे दिया है, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के कारण आज भी यह पूरी तरह से बन नहीं पाया है। इसी वजह से मुख्य सड़क से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर जाने वाली सड़क में थोड़ी सी भी बारिश होती है, तो भारी जलजमाव हो जाता है।”

तत्काल समाधान की मांग

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप और ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके और चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच सुगम हो सके।

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