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Ranchi : कुड़मी समाज द्वारा 20 सितंबर को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि आंदोलन के दौरान किसी भी परिस्थिति में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए और न ही कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़नी चाहिए।
न्यायालय ने साफ किया कि प्रस्तावित रेल और सड़क अवरोध से चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाएं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आम जनता का सामान्य जीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही, अदालत ने आंदोलन आयोजकों को शांति बनाए रखने और जनसाधारण के हितों का ध्यान रखने की हिदायत दी है।
इस संबंध में कुड़मी समाज ने प्रशासन और अदालत को लिखित आश्वासन दिया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। समाज ने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान नहीं होगा, अर्थव्यवस्था और आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होंगी और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने भी आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची, मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि शांति और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि रेलवे, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक सेवाएं बिना रुकावट जारी रहें।
जिला प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम और सहयोग की अपील की है ताकि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके और राज्य में सद्भावना एवं व्यवस्था बनी रहे।

