Bokaro News: बोकारो जिले के पारबहाल गांव से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। यहां एक नाबालिग बेटी ने प्यार की अंधी दौड़ में अपनी ही मां की जिंदगी छीन ली। मामला 17 अगस्त की रात का है। घर का मुखिया पूजा के सिलसिले में गांव से बाहर गया हुआ था और घर पर मां-बेटी अकेली थीं। उसी दौरान किशोरी ने अपनी मां से मासूमियत भरे अंदाज में कहा – “चलो, बाथरूम तक चलना है।” मां को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि यह उसकी आखिरी रात साबित होगी।
कुएं के पास पहुंचते ही किशोरी ने अचानक दुपट्टे से मां का गला दबा दिया। कुछ ही देर में तृप्ति देवी की सांसें थम गईं और बेटी का प्यार अपनी ही मां की जान ले बैठा।
पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग का गांव के ही सचिन पांडेय नामक युवक से प्यार था। परिवार इस रिश्ते का विरोध कर रहा था। घटना से एक दिन पहले परिजनों ने प्रेमी की पिटाई भी कर दी थी। यही बात किशोरी के गले नहीं उतरी। उसे लगने लगा कि मां रहते हुए वह न तो प्रेमी से मिल पाएगी और न ही शादी कर सकेगी। इसी जुनून और गुस्से में उसने अपनी ही मां को मौत के घाट उतार दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पति घर लौटे और पत्नी को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पति का दर्द उस समय साफ झलक रहा था जब वे केवल यही सवाल दोहरा रहे थे- “क्या यही मेरी बेटी थी?”
गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि कोई बेटी अपने ही हाथों मां की जान ले सकती है। बरमसिया ओपी प्रभारी कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या की पुष्टि होने पर नाबालिग को निरुद्ध कर न्यायालय भेजा गया है। मृतका के पति की शिकायत पर बेटी, प्रेमी और अन्य परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।



