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रांची: सड़कों को सुरक्षित बनाने और आम नागरिकों को यातायात के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए रविवार को रांची ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के मार्गदर्शन और यातायात पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस की टीम ने ‘सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ का पाठ पढ़ाया।
बिरसा चौक से फिरायालाल तक थमीं नजरें
अभियान की शुरुआत एक भव्य बाइक रैली से हुई, जिसमें यातायात पुलिस के जवानों ने हेलमेट पहनकर लोगों को अनुशासन का संदेश दिया। यह रैली बिरसा चौक से शुरू होकर अरगोड़ा चौक होते हुए शहर के हृदय स्थल फिरायालाल चौक तक पहुंची। रैली के माध्यम से युवाओं को विशेष रूप से यह समझाने की कोशिश की गई कि रफ्तार रोमांच तो देती है, लेकिन सुरक्षा ही जीवन की गारंटी है।
नुक्कड़ नाटक : कला के जरिए कड़वा सच
केवल चालान काटना ही पुलिस का उद्देश्य नहीं है, बल्कि दिल जीतना भी है। इसी सोच के साथ शहर के प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। कलाकारों ने अभिनय के जरिए शराब पीकर वाहन चलाने (Drink and Drive), ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट के होने वाले जानलेवा हादसों के दर्दनाक मंजर को पेश किया। इसे देखकर वहां मौजूद आम राहगीरों ने भी यातायात नियमों के पालन का संकल्प लिया।
इन नियमों पर रहा विशेष जोर
यातायात पुलिस की टीम ने वाहन चालकों को रोककर न केवल गुलाब के फूल दिए, बल्कि उन्हें इन महत्वपूर्ण बिंदुओं के प्रति सचेत किया:
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हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट को जीवन रक्षक कवच बताया।
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ट्रिपल राइडिंग पर रोक: बाइक पर तीन सवारी बैठाना न केवल गैर-कानूनी है बल्कि असंतुलन का बड़ा कारण है।
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लापरवाही की कीमत: तेज रफ्तार और स्टंटबाजी के खिलाफ सख्त चेतावनी दी गई।
इस मौके पर शहर के कई पुलिस उपाधीक्षक, ट्रैफिक प्रभारी और स्थानीय थाना प्रभारी मौजूद रहे। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि रांची की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।


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