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पटना | रिपोर्टर
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अगले 48 घंटे राज्य के सियासी भविष्य के लिए बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं। नई सरकार के गठन और संभावित शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। सोमवार सुबह बिहार के राज्यपाल द्वारा पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम को अचानक लोकभवन तलब किए जाने के बाद इन कयासों को और बल मिल गया है कि जल्द ही नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण हो सकता है।
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कैबिनेट बैठक और सीएम आवास पर हलचल — कल यानी 14 अप्रैल को कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसे नई सरकार की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास (1 अण्णे मार्ग) पर सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और विजय चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री के साथ लंबी मंत्रणा की। संजय झा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से चल रही है और किसी भी तरह की बाधा नहीं है।
भाजपा की रणनीति: शिवराज सिंह चौहान संभालेंगे मोर्चा — दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी सत्ता के नए समीकरणों को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रही है। भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। वे कल (14 अप्रैल) पटना पहुंचेंगे, जहां उनकी मौजूदगी में पार्टी अपने भविष्य के नेतृत्व पर मुहर लगाएगी।
क्या पीएम मोदी भी आएंगे पटना? — सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने को लेकर है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पटना के डीएम को राजभवन बुलाए जाने और सुरक्षा तैयारियों के संकेतों से यह माना जा रहा है कि समारोह काफी भव्य हो सकता है। फिलहाल, पूरे बिहार की नजरें पटना के राजभवन और मुख्यमंत्री आवास पर टिकी हुई हैं।
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