Patna News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट बैठक में 16 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों का सीधा असर लाखों छात्रों, शिक्षकों, पर्यटकों, किसानों और आम जनता पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस को लेकर लिया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान से इसकी घोषणा की थी कि सभी सरकारी नौकरी परीक्षाओं की आवेदन शुल्क सिर्फ 100 रुपये होगी और मुख्य परीक्षा के लिए शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा। इस प्रस्ताव को अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसका लाभ अभ्यर्थियों को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)कर्मचारी चयन आयोग (BSSC)तकनीकी सेवा आयोगपुलिस अवर सेवा आयोग और केंद्रीय सिपाही चयन परिषद जैसी संस्थाओं की परीक्षाओं में मिलेगा।

बिहार कैबिनेट की हालिया बैठक में लिए गए मुख्य फैसलों की सूची इस प्रकार है:

  1. सरकारी नौकरी के लिए सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का आवेदन शुल्क सिर्फ 100 रुपये किया गया। मुख्य परीक्षा का शुल्क माफ।

  2. नालंदा जिले के राजगीर में दो पांच सितारा होटल और वैशाली जिले में एक पांच सितारा रिसॉर्ट पीपीपी मोड पर बनाने की स्वीकृति।

  3. राजकीय शिक्षक पुरस्कार की राशि 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये की गई।

  4. बिहार ईख विकास सेवा नियमावली, 2025 को मंजूरी मिली।

  5. राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) के तहत 20 बाजार प्रांगणों में 6 करोड़ रुपये की वन टाइम ग्रांट स्वीकृत।

  6. बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली, 2025 को मंजूरी।

  7. बांका जिले के मौथाबाड़ी में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस वाहिनी का मुख्यालय बनाने के लिए जमीन मुफ्त देनी स्वीकृत।

  8. मधेपुरा जिले के चौसा में 132/33 केवी ग्रीड सब स्टेशन के लिए जमीन हस्तांतरण की मंजूरी।

  9. सालेपुर-नरसंडा-तेलमर-करौटा एनएच-30 के 19.43 किलोमीटर सेक्शन को दो लेन से चार लेन करने के लिए 539 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।

  10. राजगीर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच पथ पर आरओबी समेत चार लेन हाइवे के निर्माण के लिए 364 करोड़ रुपये की मंजूरी।

  11. स्वर्गीय उपेन्द्र नाथ वर्मा की जयंती अब गयाजी के दिग्धी तालाब स्थल पर राजकीय समारोह के रूप में प्रतिवर्ष मनाई जाएगी।

  12. साल 2026 के लिए सरकारी कर्मचारियों को कुल 44 छुट्टियां घोषित की गई हैं—11 दिन सामान्य, 17 दिन ऐच्छिक/प्रतिबंधित, 15 दिन सार्वजनिक एवं एक दिन वार्षिक लेखाबंदी।

शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ पर्यटन विकास पर भी जोर दिया गया। कैबिनेट ने नालंदा जिले के राजगीर में दो पांच सितारा होटल और वैशाली जिले में एक पांच सितारा रिसॉर्ट पीपीपी मोड पर बनाने की मंजूरी दी है। इससे राज्य में पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

शिक्षकों को भी कैबिनेट ने बड़ी सौगात दी। अब तक राजकीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को 15 हजार रुपये की राशि मिलती थी। इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है और 2025-26 से लागू किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र को भी कैबिनेट से सहमति मिली। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 20 बाजार प्रांगणों में राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) स्कीम के तहत 6 करोड़ रुपये एकमुश्त ग्रांट के रूप में स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा गन्ना उद्योग विभाग में बिहार ईख विकास सेवा नियमावली, 2025 को भी मंजूरी मिली।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नया कदम बढ़ा है। बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली, 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, सुरक्षा के क्षेत्र में बांका जिले के मौथाबाड़ी में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस वाहिनी मुख्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गृह विभाग को मुफ्त में जमीन देने का फैसला किया गया। इसी तरह मधेपुरा जिले के चौसा में 132/33 केवी ग्रीड सब स्टेशन के लिए बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को भूमि हस्तांतरण करने की अनुमोदन दी गई।

सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया गया। सालेपुर-नरसंडा-तेलमर-करौटा एनएच-30 के 19.43 किलोमीटर हिस्से को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इसके लिए 539 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं, राजगीर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंचने वाले मार्ग पर फ्लाईओवर और चार लेन हाइवे बनाने के लिए 364 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।

संस्कृति और सम्मान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय उपेन्द्र नाथ वर्मा की जयंती अब हर साल 23 अगस्त को गयाजी शहर के दिग्धी तालाब स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।

कार्यपालिका से जुड़े सरकारी कर्मचारियों को भी राहत मिली है। बिहार सरकार ने 2026 के लिए अवकाश सूची को मंजूरी दे दी है। कर्मचारियों को कुल 44 अवकाश मिलेंगे। इसमें 11 दिन सामान्य अवकाश, 17 दिन प्रतिबंधित/ऐच्छिक अवकाश और 15 दिन सार्वजनिक अवकाश शामिल हैं। वहीं एक दिन वार्षिक लेखाबंदी घोषित की गई है।

कुल मिलाकर, आज की कैबिनेट बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ठोस फैसले लिए गए हैं। इससे एक ओर बेरोजगार युवाओं, किसानों और छात्रों को राहत मिली है तो दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में विकास की नई राहें भी खुली हैं।

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