दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में खेल के नाम पर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। भारतीय क्रिकेट टीम (Under-19) और रणजी ट्रॉफी में चयन कराने का झांसा देकर एक सरकारी शिक्षक से एक करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी किसलय पल्लव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह गिरफ्तारी करीब छह महीने की लंबी जांच के बाद हुई है।
सपनों का सौदा और फर्जीवाड़ा
दुमका नगर थाना क्षेत्र के बख्शी बांध निवासी जालसाज किसलय पल्लव ने शहर के ही एक सरकारी स्कूल के शिक्षक बुलबुल कुमार को अपना शिकार बनाया था। उसने दावा किया था कि उसकी ऊंची पहुंच है और वह उनके बेटे आशुतोष आनंद का चयन अंडर-19 और रणजी ट्रॉफी में करा देगा। इस ‘गारंटीड सिलेक्शन’ के बदले उसने किस्तों में 1 करोड़ रुपये वसूले, जिसमें 50 लाख नकद और 50 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे।
BCCI का फर्जी लेटर देख रह गए दंग
शिक्षक को यकीन दिलाने के लिए ठग ने हद पार कर दी। उसने बीसीसीआई (BCCI) के जॉइंट डायरेक्टर के नाम से एक फर्जी लेटर तैयार किया, जिस पर बोर्ड का लोगो (Logo) लगा था। लेटर में लिखा था कि आशुतोष का चयन अंडर-19 टीम में हो गया है। हालांकि, जब पिता ने इस लेटर की असलियत जांची, तो पता चला कि उनके साथ बड़ा खेल हो गया है। न तो लेटर असली था और न ही टीम में उनके बेटे का नाम था।
इंसाफ की अधूरी जंग
पीड़ित शिक्षक बुलबुल कुमार ने 12 अक्टूबर 2025 को नगर थाने में केस (संख्या 185/25) दर्ज कराया था। पुलिस जांच में जुटी रही, लेकिन इस बीच एक दुखद मोड़ आया। ठगी के सदमे और लंबी बीमारी के कारण आवेदनकर्ता बुलबुल कुमार का निधन हो गया। वे अपने जीवन की कमाई लुटाने के बाद आरोपी को सलाखों के पीछे देख पाते, उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई
दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी किसलय पल्लव को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं या आरोपी ने किसी और को भी अपना शिकार बनाया है।



