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Bihar News: भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां न्याय की गुहार लगा रहा पीड़ित खुद को ही पुलिसिया चक्रव्यूह में फंसा हुआ पा रहा है। पीड़ित जगत कुमार सिंह का आरोप है कि तातपुर रंगा मौजा में अपनी निजी जमीन की मापी कराने के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, लेकिन सबौर पुलिस दोषियों को पकड़ने के बजाय मामले को रफा-दफा करने और उन्हें ही प्रताड़ित करने में जुटी है।
लोहे की खंती से हमला और ‘एक्सीडेंट’ की कहानी; उलझती जा रही है गुत्थी
घटना बीते 15 दिसंबर की सुबह की है। जगत कुमार सिंह अपने भाई मनीष चन्द्र के साथ जमीन का सीमांकन करा रहे थे, तभी गांव के ही कुछ लोग हथियारों और लोहे की खंती के साथ वहां पहुंचे और हमला बोल दिया। इस हमले में जगत गंभीर रूप से घायल हो गए। ताज्जुब की बात यह है कि जब परिजनों ने थाना प्रभारी से न्याय मांगा, तो कथित तौर पर पुलिस ने इस खूनी हमले को ‘बाइक एक्सीडेंट’ करार दे दिया। पीड़ित का सवाल है कि अगर यह एक्सीडेंट था, तो शरीर पर गहरे जख्म और मौके पर मौजूद गवाह क्या झूठ बोल रहे हैं?
एसएसपी की चौखट पर न्याय की गुहार; फर्जी केस का सता रहा डर
पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने अपनी पहुंच का फायदा उठाकर उन पर उल्टा SC/ST एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है ताकि वे समझौते के लिए मजबूर हो सकें। पुलिस की कार्यशैली से हताश होकर पीड़ित की पत्नी ने वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को आवेदन दिया है, जिसके बाद उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन सबौर पुलिस की भूमिका की जांच कर पीड़ित को इंसाफ दिला पाएगा या फिर रसूखदारों के आगे फाइल बंद कर दी जाएगी।

