Health: डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के बीच अक्सर यह भ्रम रहता है कि उन्हें चावल पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट्स का कहना है कि समस्या चावल में नहीं, बल्कि उसके चुनाव में है। अगर आप चावल की सही किस्म चुनते हैं, तो आप ब्लड शुगर को प्रभावित किए बिना इसका स्वाद ले सकते हैं। सारा खेल ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) का है, जो यह तय करता है कि कोई भोजन आपके शरीर में कितनी तेजी से शुगर बढ़ाता है।

इस खबर को भी पढ़ें : सुबह उठते ही मुंह का कड़वापन? इसे न करें इग्नोर, पेट दे रहा है गंभीर संकेत

सफेद चावल क्यों है खतरनाक?

सफेद चावल का जीआई 70 से 90 के बीच होता है, जो बहुत अधिक है। यह शरीर में जाते ही जल्दी पचता है और शुगर लेवल को अचानक बढ़ा देता है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके स्थान पर कम जीआई वाले विकल्पों की सलाह देते हैं।

डायबिटीज के लिए 4 बेहतरीन विकल्प

  1. रेड राइस (लाल चावल): इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं। यह न केवल शुगर को धीरे बढ़ाता है, बल्कि शरीर की सूजन कम करने में भी मददगार है।

  2. ब्लैक राइस (काला चावल): इसे ‘फॉरबिडन राइस’ भी कहते हैं। इसका जीआई काफी कम होता है और यह पोषक तत्वों का खजाना है।

  3. ब्राउन राइस: इसमें मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर स्थिर रहती है और दिल की सेहत भी सुधरती है।

  4. वाइल्ड राइस: इसमें कार्बोहाइड्रेट कम और फाइबर अधिक होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।

शुगर कंट्रोल करने के ‘प्रो-टिप्स’

  • सब्जियों के साथ जुगलबंदी: चावल को हमेशा अधिक मात्रा में हरी सब्जियों और प्रोटीन (जैसे दाल या पनीर) के साथ खाएं। इससे मील का कुल जीआई कम हो जाता है।

  • ब्राउन बासमती: अगर आपको बासमती पसंद है, तो सफेद के बजाय ‘ब्राउन बासमती’ चुनें, इसका जीआई अपेक्षाकृत कम होता है।

  • पोर्शन कंट्रोल: किस्म कोई भी हो, मात्रा सीमित रखना सबसे जरूरी है।

नियमित मॉनिटरिंग और सही किस्म का चुनाव कर आप बिना किसी डर के चावल का आनंद ले सकते हैं।

Share.
Exit mobile version