Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का आगाज बुधवार सुबह भारी गहमागहमी के साथ हुआ। राज्य की 142 सीटों पर सुबह 9 बजे तक 18.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। लोकतंत्र के इस उत्सव में गजब का उत्साह देखा जा रहा है; सुबह साढ़े पांच बजे से ही लोग बूथों पर जुटने लगे थे। विशेष रूप से महिलाओं की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि बंगाल की ‘नारी शक्ति’ इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
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कई बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें
हालांकि, मतदान की शुरुआत तकनीकी बाधाओं और हंगामे से भरी रही। हावड़ा के बाली इलाके में जैसे ही ईवीएम में खराबी की खबर आई, वहां मौजूद लोग भड़क गए। स्थिति को संभालने के लिए तैनात सीआरपीएफ जवानों ने सख्त रुख अपनाते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है। इसी तरह कोलकाता के राजरहाट-गोपालपुर क्षेत्र के पंचनंतला और केस्टोपुर जैसे कई पोलिंग बूथों पर मशीनें दगा दे गईं, जिससे कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया थम गई। प्रशासन ने मशीनों को ठीक कर दोबारा वोटिंग शुरू तो करा दी, लेकिन तब तक लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
नदिया में बीजेपी एजेंट पर हमले का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बीच एक बार फिर मोर्चा संभालते हुए सुरक्षा बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ऑब्जर्वर जानबूझकर टीएमसी एजेंटों को परेशान कर रहे हैं। ममता ने दावा किया कि “हां, सीआरपीएफ ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना हमारे पार्षद के घर में तोड़फोड़ की है।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि राज्य में जानबूझकर डर का माहौल पैदा किया जा रहा है ताकि मतदाता स्वतंत्र होकर वोट न डाल सकें।
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याद रहे कि 2021 के चुनाव में इन सीटों पर टीएमसी का जबरदस्त दबदबा था, जहां उन्होंने 142 में से 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी। आज करीब 3.21 करोड़ मतदाता 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। इस बार चुनाव आयोग ने 8,000 से अधिक ऐसे मतदान केंद्र बनाए हैं जिनका संचालन पूरी तरह महिलाओं के हाथ में है। अब देखना यह है कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तो ऊंट किस करवट बैठता है।



