Dhaka, (Bangladesh): बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के बाद सांसदों की पृष्ठभूमि को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। प्रमुख नागरिक संगठन ‘सुशासन के लिए नागरिक’ (शुजन) के विश्लेषण के अनुसार, देश के 43 नए सांसदों पर हत्या जैसे संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं। यह रिपोर्ट सांसदों द्वारा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों के आधार पर तैयार की गई है।
बीएनपी के आधे से अधिक सदस्य नामजद
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सांसदों पर सबसे ज्यादा कानूनी मामले हैं। पार्टी के निर्वाचित सदस्यों में से 50.24 प्रतिशत वर्तमान में किसी न किसी आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं। वहीं, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के 47.07 प्रतिशत सांसदों पर मुकदमे लंबित हैं। कुल मिलाकर 142 सांसदों पर इस समय कानूनी कार्यवाही चल रही है, जबकि 185 सांसद अतीत में ऐसे मामलों का सामना कर चुके हैं।
शिक्षा से ज्यादा धनबल और व्यापार का बोलबाला
बांग्लादेश की नई संसद में पेशेवर तौर पर व्यापारियों का वर्चस्व दिखाई दे रहा है। कुल 297 निर्वाचित सांसदों में से 182 (लगभग 61 प्रतिशत) बिजनेसमैन हैं। वहीं, शिक्षा के मोर्चे पर केवल आठ सांसदों के पास पीएचडी डिग्री है, जबकि 138 स्नातकोत्तर और 93 स्नातक हैं। वकीलों की संख्या केवल 36 रह गई है, जो राजनीति में कॉर्पोरेट हितों की बढ़ती पैठ को दर्शाता है।
करोड़पति सांसदों की भरमार
संपत्ति के मामले में यह संसद काफी धनी है। 271 सांसदों की व्यक्तिगत संपत्ति एक करोड़ टका से अधिक है। बीएनपी के 209 सांसदों में से 201 ‘करोड़पति’ की श्रेणी में आते हैं। शुजन के मुख्य समन्वयक ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि संपन्न उम्मीदवारों के जीतने की संभावना अधिक रही है, जिससे राजनीति में आम लोगों और कम आय वाले प्रतिनिधियों की भागीदारी घट रही है। हालांकि, 12 फरवरी को हुआ मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रतिनिधियों की यह प्रोफाइल लोकतंत्र की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।



