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U.P. News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। मरका कस्बे में तैनात यूपी 112 के एक सिपाही ने घरेलू कलह के चलते अपनी ही हंसती-खेलती गृहस्थी को कुल्हाड़ी से काटकर तहस-नहस कर दिया। जिस हाथ में जनता की सुरक्षा का जिम्मा था, उसी हाथ ने अपनी तीन साल की मासूम बेटी की जान ले ली और पत्नी को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया।
मकर संक्रांति मेले की खुशियां मातम में बदलीं
आरोपी सिपाही गौरव कुमार, जो फर्रुखाबाद का निवासी था, मरका थाने की डायल 112 गाड़ी का चालक था। बुधवार की दोपहर सब कुछ सामान्य लग रहा था; गौरव अपनी पत्नी शिवानी और तीन साल की बेटी परी को मकर संक्रांति के मेले में घुमाने ले गया था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि मेले की यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी खुशी होगी। रात करीब नौ बजे जब वे किराए के मकान पर लौटे, तो पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
मासूम परी की मौत और पत्नी का संघर्ष
विवाद इतना बढ़ा कि गौरव ने आपा खो दिया और घर में रखी कुल्हाड़ी से पत्नी और मासूम परी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मासूम परी के नन्हें शरीर पर कुल्हाड़ी के गहरे घाव लगे, जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी सांसें टूट गईं। पत्नी शिवानी की हालत भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें कानपुर रेफर किया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद गौरव कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर अंधेरे में गायब हो गया।
यमुना किनारे मिला मोबाइल, आत्महत्या की आशंका
पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब आरोपी सिपाही का मोबाइल यमुना नदी के किनारे लावारिस हालत में मिला। आशंका जताई जा रही है कि अपनी ही बेटी का खून करने के बाद गौरव ने ग्लानि में आकर नदी में छलांग लगा दी है। क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ (SDRF) और गोताखोरों की टीमें यमुना की लहरों में सिपाही की तलाश कर रही हैं।
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पड़ोसियों के मुताबिक, गौरव और शिवानी के बीच अक्सर झगड़ा होता था, लेकिन यह झगड़ा एक मासूम की बलि ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि क्या सिपाही सच में डूब गया है या यह गिरफ्तारी से बचने का कोई पैंतरा है।



