Bihar News: अररिया जिले के फारबिसगंज में गुरुवार को ड्रग इंस्पेक्टर निर्भय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों की अचानक जांच से हड़कंप मच गया। जैसे ही रेफरल रोड पर ड्रग विभाग की टीम पहुंची, वहां की दर्जनों मेडिकल दुकानें तुरंत बंद हो गईं और दुकानदार मौके से फरार हो गए।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि यह एक रूटीन जांच अभियान था, जिसका उद्देश्य जीवनरक्षक दवाओं के साथ प्रतिबंधित ड्रग्स की स्थिति का आकलन करना था। टीम ने करीब आधा दर्जन दुकानों की जांच की, जहां किसी तरह की अवैध दवाएं नहीं मिलीं। हालांकि, अवैध रूप से संचालित दुकानों के अचानक बंद हो जाने और दुकानदारों के फरार होने से उनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि इस तरह की जांच भविष्य में भी जारी रहेगी और जो दुकानें बिना लाइसेंस या वैध अनुमति के चल रही हैं, उन पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जांच के दौरान कई दुकानें बंद मिलीं और उनके संचालक फरार हो गए।
वहीं, कुछ दवा दुकानदारों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आरोप लगाया कि इस जांच के पीछे असली मकसद आर्थिक दोहन और अवैध उगाही है, जिसे दबाव बनाकर वसूला जा रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या अगला कदम उठाता है और क्या अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों पर ठोस कार्रवाई होती है।



