Ranchi : झारखंड सरकार ने आम जनता से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दिखा दी है। कैबिनेट की बैठक में तीन प्रमुख नियमावलियों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनका सीधा असर बच्चों की शिक्षा, सड़क सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रियाओं पर पड़ेगा।

सबसे पहले “झारखण्ड निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2025” को मंजूरी दी गई। इस संशोधन का मकसद राज्य के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियमावली से खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बड़ा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही “Guidelines for Recording Evidence of Vulnerable Witness, 2025” लागू करने की स्वीकृति भी दी गई है। इस नियमावली का उद्देश्य उन गवाहों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है, जिन्हें न्यायालय में बयान दर्ज कराने के दौरान मानसिक या शारीरिक दबाव का सामना करना पड़ता है। इसमें महिलाओं, बच्चों, वृद्धों और विशेष रूप से संवेदनशील मामलों से जुड़े गवाह शामिल हैं। इन दिशानिर्देशों के लागू होने से न्याय प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी तथा मानवीय हो सकेगी।

तीसरा बड़ा फैसला “झारखण्ड राज्य सड़क सुरक्षा कोष (संशोधन) नियमावली, 2025” को मंजूरी देना रहा। इसके तहत सड़क सुरक्षा कोष का अधिक प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सड़क हादसों की रोकथाम, ट्रैफिक प्रबंधन और जागरूकता अभियान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संशोधन से राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी और आमजन की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

इन तीनों अहम फैसलों से साफ है कि झारखंड सरकार शिक्षा, न्याय और सुरक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर गंभीरता से काम कर रही है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा और संवेदनशील गवाहों की रक्षा तक, सरकार ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाने का संकेत दिया है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कैबिनेट की ये स्वीकृतियां आने वाले समय में झारखंड के सामाजिक ढांचे को मजबूत करेंगी और राज्य के विकास पथ पर एक नई दिशा तय करेंगी।

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