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Ranchi : झारखंड विधानसभा ने मंगलवार को झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 को पारित किया है, जो राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। इस विधेयक के तहत अब राज्य के मुख्यमंत्री के पास विश्वविद्यालयों में कुलपति (वीसी), प्रो-वीसी, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और वित्तीय सलाहकार जैसे प्रमुख पदों पर नियुक्ति करने का अधिकार होगा।
विधेयक के अनुसार, विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शिक्षकों और गैर-शिक्षक पदों पर बहाली और प्रोन्नति (प्रमोशन) का निर्णय अब सीधे राज्य सरकार के नियंत्रण में होगा। इससे शिक्षण संस्थानों में नियुक्तियों और प्रोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि सीनेट की अध्यक्षता प्रो-वीसी या उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री करेंगे और सीनेट की बैठक वर्ष में दो बार आयोजित होगी। इस कदम से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस विधेयक से उच्च शिक्षा संस्थानों में सरकारी निगरानी बढ़ेगी और छात्रों तथा कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने की प्रक्रिया सरल और त्वरित होगी।

