India News: भारत की सुरक्षा एजेंसियों को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई और उसके सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक, अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्टेशन के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर एनआईए ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। अनमोल 2022 से फरार था और एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में 10 लाख रुपये का इनामी आरोपी था।
एफबीआई से पहचान, विदेशों में भागकर छुपा रहा था अनमोल
अनमोल को नवंबर 2024 में अमेरिका के कैलिफोर्निया में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एफबीआई ने उसके डीएनए और वॉयस सैंपल से पहचान की पुष्टि की, जिसके बाद उसका डिपोर्टेशन तय हुआ। इससे पहले वह नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भाग गया था।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी ने 18 नवंबर को सिद्दीकी हत्याकांड के शिकायतकर्ता जीशान सिद्दीकी को ईमेल भेजकर पुष्टि की कि अनमोल को देश से हटा दिया गया है।
एनआईए की चार्जशीट ने उजागर की थी बड़ी साजिश
मार्च 2023 में एनआईए ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर अनमोल को लॉरेंस बिश्नोई–गोल्डी बराड़ गैंग के टेरर नेटवर्क का हिस्सा बताया था। जांच में सामने आया था कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल विदेश में बैठकर भारत में कई आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहा।
वह गैंग को निर्देश भेजता था, शूटरों को फंड, हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। कई मामलों में वह सीधे साजिशकर्ता की भूमिका में था।
कई हाई-प्रोफाइल वारदातों में नाम
अनमोल का नाम कई बड़ी घटनाओं से जुड़ा है-
• मुंबई में NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (2024) – आरोप है कि अनमोल ने शूटरों को लोकेशन और फोटो भेजे।
• सलमान खान के घर पर फायरिंग (अप्रैल 2024)
• सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हथियार और सपोर्ट देना (2022)
• 18 अन्य केस- जबरन वसूली, हत्या, हथियार सप्लाई
एनआईए ने कहा कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ से गैंगस्टर–टेरर नेटवर्क की कई परतों का खुलासा होने की उम्मीद है।



