Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले की आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। झारखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन (ए.के.ए.) और संयुक्त मोर्चा (जाका), जो एआईयूटीयूसी से संबद्ध है, के बैनर तले बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मियों ने साकची आमबगान से जुलूस निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय तक मार्च किया। इस दौरान उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।
आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार से मांग की है कि सेविका और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उन्हें सभी वैधानिक लाभ उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद कम से कम पांच लाख रुपये का रिटायरमेंट लाभ देने, मानदेय का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में देने, आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये की सहायता राशि देने और सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 वर्ष करने की मांग भी उठाई गई।
कर्मियों ने यह भी कहा कि वर्तमान में पोषाहार की राशि स्थानीय बाजार दर के अनुसार नहीं मिलती, जिससे बच्चों और लाभार्थियों को उचित पोषण उपलब्ध कराने में कठिनाई होती है। इसलिए पोषाहार की राशि स्थानीय बाजार दर के अनुसार दी जाए। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में कामकाज के लिए मोबाइल रिचार्ज के रूप में प्रतिमाह 400 रुपये देने की मांग की गई है।
संगठन की ओर से यह भी बताया गया कि कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण एफआरएस (फेस रिकॉग्निशन सिस्टम) के माध्यम से लाभार्थियों का सत्यापन नहीं हो पाता है, जिससे पोषाहार वितरण में परेशानी होती है। ऐसे में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर नेटवर्क व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
धरना कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्वी सिंहभूम जिला की सचिव लक्ष्मी बेनी पाली ने किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंगनबाड़ी कर्मी चरणबद्ध आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में जिले की आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं मौजूद रहीं और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
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