Jamshedpur News; पूर्वी सिंहभूम जिला में बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं, महिला-बाल विकास योजनाओं तथा पोषण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करना था। उपायुक्त ने जिला स्तर पर चल रही सभी योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा में कई क्षेत्रों में प्रगति असंतोषजनक पाई गई, जिस पर पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए। रिक्त आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका पदों की चयन प्रक्रिया 25 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी करने का आदेश दिया गया, जिससे केंद्रों का संचालन सुचारु रह सके। भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य तथा DMFT योजना के तहत बन रहे केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कराकर समयबद्ध हस्तांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा, केंद्रों में लंबित बिजली कनेक्शन और शुद्ध पेयजल व्यवस्था 5 जनवरी 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए।MTC (मालन्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर) में शत-प्रतिशत SAM बच्चों को भर्ती कर उपचारित करने पर विशेष जोर दिया गया। सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं का आधार प्रमाणीकरण पूरा कर आधार ऑनबोर्डिंग से जोड़ने, केंद्रों के दैनिक खुलने और नियमित संचालन की निगरानी करने तथा पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए। साथ ही, 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की पूरी वृद्धि निगरानी कर डेटा ऐप में नियमित अपलोड करने को कहा गया, ताकि पोषण स्तर की सटीक मॉनिटरिंग हो सके।वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और कन्यादान योजना की प्रगति काफी कमजोर पाई गई। इस पर बहरागोड़ा एवं धालभूमगढ़ परियोजना के सीडीपीओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने साफ चेतावनी दी कि योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ हो, अन्यथा लापरवाह पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती संध्या रानी, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, सीडीपीओ तथा अन्य पदाधिकारी-कर्मी मौजूद रहे।



