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Health News: भारत में एक बड़ी आबादी, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, ‘एनीमिया’ यानी खून की कमी की चपेट में हैं। जब शरीर में रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन का स्तर एक निश्चित मात्रा से कम हो जाता है, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में 13.5 ग्राम और महिलाओं में 12 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होना एनीमिया की स्थिति है।
लक्षण जो बताते हैं कि आप खतरे में हैं : अक्सर लोग एनीमिया के लक्षणों को सामान्य थकान समझकर टाल देते हैं, लेकिन ये संकेत गंभीर हो सकते हैं:
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थोड़ा सा काम करते ही सांस फूलना या थक जाना।
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त्वचा और आंखों का पीला पड़ना।
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सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर आना।
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हाथ-पैर के तलवों और हथेलियों का हमेशा ठंडा रहना।
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सीने और सिर में लगातार हल्का दर्द बने रहना।
क्यों होती है खून की कमी? : एनीमिया का सबसे प्रमुख कारण शरीर में आयरन की कमी है। एक स्वस्थ शरीर को 3-5 ग्राम आयरन की जरूरत होती है। इसके अलावा, महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान अधिक खून बहना या डाइट में पोषक तत्वों की कमी भी इसकी मुख्य वजह है। चौंकाने वाली बात यह है कि कैल्शियम का अत्यधिक सेवन भी आयरन के अवशोषण को रोक सकता है, जिससे एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव के आसान और असरदार उपाय : एनीमिया से लड़ने के लिए आपको अपनी रसोई में ही दवा मिल जाएगी:
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आयरन युक्त आहार: पालक, बथुआ, चुकंदर, गाजर और टमाटर को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।
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गुड़ और काला चना: रोजाना सुबह भीगे हुए काले चने गुड़ के साथ खाने से हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है।
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लोहे की कड़ाही: सब्जी बनाने के लिए लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करें, यह आयरन की कमी दूर करने का प्राचीन और वैज्ञानिक तरीका है।
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जांच है जरूरी: एक साधारण सीबीसी (CBC) टेस्ट से इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है। गंभीर कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट्स जरूर लें।
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