Gandhinagar: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को राहुल गांधी पर देश के किसानों को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने कहा कि राहुल गांधी विदेशी व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “राहुल गांधी कोई भी मंच तय कर लें, भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष उनसे बहस कर लेगा कि आखिर किसानों का नुकसान किसने किया है।”
ट्रेड डील और किसानों के हित
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इंग्लैंड, यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ हुए ट्रेड समझौतों में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों (Fishery products) के लिए वैश्विक बाजार के दरवाजे खुलेंगे, न कि स्थानीय किसानों को नुकसान होगा।
कांग्रेस की नीतियों पर तीखा हमला
गृह मंत्री ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हितों के साथ समझौता मनमोहन सिंह की सरकार ने ‘डंकल प्रस्ताव’ पर हस्ताक्षर करके किया था। शाह ने दावा किया कि:
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एमएसपी पर खरीद: मोदी सरकार ने यूपीए की तुलना में 15 गुना अधिक अनाज एमएसपी पर खरीदा है।
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कर्जमाफी बनाम सम्मान निधि: कांग्रेस ने कर्जमाफी का ‘झुनझुना’ थमाया, जबकि पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों को कर्ज लेने की नौबत से ही बचा लिया।
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मछुआरे और पशुपालक: मोदी सरकार ने मत्स्य और डेयरी क्षेत्र को वैश्विक समझौतों में सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
डिजिटल क्रांति की शुरुआत
इस दौरान अमित शाह ने भारत की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 2014 में देश की जनता ने कांग्रेस को ‘टाटा बाय-बाय’ कह दिया था क्योंकि वे किसानों की सुरक्षा में विफल रहे थे और आज तकनीक के माध्यम से व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा रहा है।



