Ranchi/Mumbai : आज तू बच गया माईकल, वरना तेरी माैत तूझसे उतनी ही दूर थी, जितनी दूर तूझये यह सलाख है। (कालिया), ऐसा तो आदमी लाईफ में एकीच बार भागता है, ओलंपिक का रेस हो या पुलिस का केस हो। (अमर अकबर एंथॉनी), आई कैन टाॅक इंग्लिश, आई कैन वाॅक इंग्लिश, आई कैन लाॅफ इंगलिश बिकाॅज, इंग्लिश इज ए वेरी फन्नी लैंग्वेज! (नमक हलाल), हम भी वो हैं जो कभी किसी के पीछे नहीं खड़े होते, जहां खड़े हाेते हैं लाईन वहीं से शुरू होती है। (कालिया),  हमारे यहां घड़ी की सुई कैरेक्टर डिसाइड करती है।, न.. सिर्फ एक शब्द नहीं अपने आप में पूरा एक वाक्य है। इसे किसी तर्क, स्पष्टीकरण या व्याख्या की जरूरत नहीं होती! (पिंक), मुझे जो सही लगता है, मैं करता हूं, वो चाहे भगवान के खिलाफ हो, पुलिस, कानून या फिर पूरे सिस्टम के खिलाफ ही क्यूं न हो? (सरकार)।

ये कुछ चुनिंंदा फिल्मों के वो प्रसिद्ध संवाद हैं, जिसने अमिताभ बच्चन के लड़खड़ाते फिल्मी करियर को मजबूती प्रदान की और उन्हें फिर से स्थापित किया। उन्होंने जिस अंदाज से इन संवादों को पर्दे पर उतारा, नि:संदेह वह काबिल-ए-तारीफ है। आज हम बिग बी की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आज पूरा विश्व उनका 83 वां जन्मदिन मना रहा है। 

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के बंगले जलसा के बाहर हजारों फैंस का सैलाब शनिवार को उनका जन्मदिन मनाने के लिए उमड़ पड़ा। आधी रात से ही लोग हाथों में पोस्टर, फूलों की मालाएं और बैनर लेकर अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने के लिए जमा हो गए। जैसे ही घड़ी ने बारह बजाए, हैप्पी बर्थडे अमिताभ बच्चन के नारों से मुंबई की सड़के गूंज उठीं।

फैंस ने अमिताभ के सुपरहिट गानों खईके पान बनारसवाला, जुम्मा चुम्मा दे दे और मैं हूं डॉन पर जमकर डांस किया। मुंबई की गलियां ‘जलसा उत्सव’ जैसी दिखीं, जहां हर तरफ पोस्टर्स, कटआउट्स और रोशनी से माहौल जगमगा उठा। कई प्रशंसक पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे और फूलों की माला लेकर अपने प्रिय सितारे का इंतजार करते रहे।

जब अमिताभ बच्चन घर से बाहर निकले, तो फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने हाथ जोड़कर सबको आशीर्वाद दिया और मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन किया। सोशल मीडिया पर उनके घर के बाहर के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग नाचते और हमारे शहंशाह को लंबी उम्र मिले के नारे लगाते दिख रहे हैं।

फैंस का समर्पण : कोई करवाता है हवन, कोई रखता है व्रत

अमिताभ बच्चन के प्रति फैंस का प्यार किसी आस्था से कम नहीं। देशभर में उनके जन्मदिन पर कई फैन क्लबों ने पूजा-पाठ, हवन और व्रत रखकर उनके लंबी उम्र की कामना की। यह परंपरा नई नहीं है। 1982 में जब फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुए थे, तब भी देशभर में लोगों ने उनके स्वस्थ होने के लिए मंदिरों में दुआएं की थीं।

‘एंग्री यंग मैन’ से लेकर टीवी के ‘किंग’ तक का सफर

अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर संघर्ष और सफलता दोनों का संगम है। 27 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाले अमिताभ ने जंजीर, दीवार, शोले और कालापत्थर जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा में ‘एंग्री यंग मैन’ की छवि को जन्म दिया। पर 90 के दशक में हालात बदले, जब उनकी प्रोडक्शन कंपनी एबीसीएल (ABCL) आर्थिक संकट में डूब गई और वह भारी कर्ज में फंस गए।

लेकिन कहते हैं, फीनिक्स की तरह राख से भी उठने वाला वही सच्चा योद्धा होता है। अमिताभ ने छोटे पर्दे पर कौन बनेगा करोड़पति से धमाकेदार वापसी की, जिसने न सिर्फ उनकी किस्मत बदली बल्कि भारतीय टेलीविजन का चेहरा भी। इसके बाद उन्होंने ब्लैक, पा, पीकू, 102 नॉट आउट और उंचाई जैसी फिल्मों से साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, जुनून नहीं। 83 साल की उम्र में भी अमिताभ बच्चन लगातार सक्रिय हैं। आने वाले महीनों में वह कालियां, हाईवे मैन और तलवार 2 जैसी फिल्मों में नजर आने वाले हैं।

Share.
Exit mobile version