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World News: अमेरिका की सड़कों पर उस वक्त मौत का तांडव देखने को मिला, जब लॉस एंजिल्स के वेस्टवुड इलाके में ईरान विरोधी प्रदर्शन अचानक एक हिंसक रणभूमि में तब्दील हो गया। सैकड़ों लोग हाथों में ईरानी झंडे लिए शांतिपूर्वक मार्च कर रहे थे, तभी एक बैनर लगा ट्रक तेज रफ्तार से भीड़ को चीरता हुआ अंदर घुस गया। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और शांतिपूर्ण मार्च दहशत में बदल गया।
ट्रक पर लिखे संदेश ने भड़काया गुस्सा
इस हमले में सबसे चौंकाने वाली बात ट्रक पर लगा बैनर था। उस पर साफ अक्षरों में लिखा था— “नो शाह, नो रेजीम, यूएस 1953 मत दोहराओ, नो मुल्ला।” इस संदेश ने प्रदर्शनकारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जैसे ही ट्रक रुका, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उसे घेर लिया। लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रक के शीशे तोड़ दिए और ड्राइवर को बाहर खींचने की कोशिश करने लगे। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि लोग अपने झंडों के डंडों से ट्रक पर हमला कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और घायलों का हाल
मौके पर पहुंची लॉस एंजिल्स पुलिस (LAPD) को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने ड्राइवर को हिंसक भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया, हालांकि इस दौरान भी भीड़ उस पर वार करने की कोशिश करती रही। इस खौफनाक घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके को खाली करने का आदेश दिया, लेकिन हवा में तनाव अब भी महसूस किया जा सकता है।
ट्रंप और मस्क का ‘ईरान मिशन’
इस हिंसा के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि वे ईरान में ठप पड़े इंटरनेट को बहाल करने के लिए एलन मस्क से संपर्क करेंगे। ईरान सरकार ने विरोध की आवाजों को दबाने के लिए देश में ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ कर रखा है। अब ट्रंप मस्क की सैटेलाइट तकनीक (Starlink) के जरिए ईरानियों को दुनिया से जोड़ने की योजना बना रहे हैं।
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गौरतलब है कि ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी संघर्ष में अब तक 530 से ज्यादा बेगुनाह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अमेरिका में हुई यह ताजा हिंसा साबित करती है कि ईरान की आग अब सरहदों को पार कर सात समंदर पार भी पहुंच चुकी है।

