Ranchi News : झारखंड में मानसून के दौरान वज्रपात से हर साल कई लोगों की जान जाती है और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचता है। इन घटनाओं को रोकने और समय रहते लोगों को चेतावनी देने के लिए झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप का उपयोग करने की अपील की है।

क्या है ‘सचेत’ ऐप?
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली द्वारा विकसित ‘सचेत’ ऐप एक CAP आधारित एकीकृत चेतावनी प्रणाली है। यह ऐप भू-लक्षित चेतावनी (geo-targeted alerts) भेजता है और वज्रपात, भारी बारिश या अन्य मौसम संबंधी खतरों से पहले ही लोगों को सावधान करता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी Yellow, Orange और Red Alert को यह ऐप मोबाइल नोटिफिकेशन और SMS के जरिए सीधे उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाता है।

क्या है ‘दामिनी’ ऐप?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित ‘दामिनी’ ऐप बिजली गिरने की संभावना होने पर बेहद उपयोगी साबित होता है। यह ऐप 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने का खतरा भांपकर तुरंत अलर्ट भेजता है, जिससे लोग सुरक्षित स्थान पर जा सकते हैं और हादसे से बच सकते हैं।

क्यों जरूरी है इन ऐप्स का इस्तेमाल?
वर्तमान में राज्य में इन दोनों ऐप्स का उपयोग करने वालों की संख्या बहुत कम है। इसका नतीजा यह है कि वज्रपात से संबंधित महत्वपूर्ण चेतावनियाँ हर जरूरतमंद व्यक्ति तक नहीं पहुँच पा रही हैं। सरकार का कहना है कि अगर अधिक लोग इन ऐप्स को डाउनलोड करेंगे तो समय रहते चेतावनी मिलने से जान-माल की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ऐप डाउनलोड करने का तरीका
झारखंड सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में तुरंत Google Play Store या iOS App Store से इन ऐप्स को डाउनलोड करें।

सरकार का मानना है कि इस पहल के जरिए राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जा सकता है और वज्रपात से होने वाली जनहानि व संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।

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