India News: अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया के विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जारी कर दी है। यह हादसा भारत के विमानन इतिहास की सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसमें कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।

एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से उड़ान भर रही थी, उड़ान के महज 90 सेकंड के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भयानक हादसे में 229 यात्री, 12 चालक दल के सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद लोग मारे गए थे।

इंजन फेलियर बना हादसे की वजह

प्रारंभिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि विमान के दोनों इंजन उड़ान की शुरुआती चढ़ाई के दौरान ही बंद हो गए थे। इससे विमान का थ्रस्ट (गति बल) अचानक समाप्त हो गया और वह तेजी से नीचे गिर गया। इससे एयरपोर्ट के नजदीक घनी आबादी वाले इलाके में भारी तबाही मच गई।

एएआईबी ने बताया कि रिपोर्ट में विमान के ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के विश्लेषण को शामिल किया गया है। हादसे के दौरान पायलटों ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन इंजन बंद हो जाने से नियंत्रण नहीं बना सके।

एयर इंडिया ने जताया दुख, जांच में सहयोग का वादा

एयर इंडिया ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा, “हम इस त्रासदी में जान गंवाने वाले परिवारों के साथ पूरी एकजुटता में हैं।” एयर इंडिया ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें AAIB की 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और वे नियामकों व सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में अभी कई विवरण और तकनीकी पहलू अंतिम जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। इसलिए फिलहाल वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते।

अंतिम रिपोर्ट आने में लगेंगे कुछ महीने

यह हादसा देश में हाल के वर्षों में हुआ सबसे बड़ा विमान हादसा माना जा रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट भले ही जारी कर दी गई हो, लेकिन AAIB की अंतिम रिपोर्ट कुछ महीनों बाद आने की उम्मीद है, जिसमें विस्तृत विश्लेषण, तकनीकी त्रुटियों और संभावित लापरवाहियों का उल्लेख किया जाएगा।

हादसे से देश में गहरा शोक

इस विमान दुर्घटना के बाद देशभर में गहरा शोक देखा गया। हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री कार्यालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। वहीं, एयरपोर्ट पर भी राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर किया गया था।

फिलहाल सभी की निगाहें AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे यह साफ हो सके कि ऐसी भयावह त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएं।

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