London, (UK): अगर आप नौकरी की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब आपकी योग्यता का फैसला सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) करेगा। हाल ही में आई एक वैश्विक रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि भारत समेत दुनिया भर की कंपनियां अब सही उम्मीदवारों को चुनने के लिए एआई का सहारा ले रही हैं। करीब 71 प्रतिशत नियोक्ताओं का मानना है कि एआई की मदद से वे उन ‘छिपी हुई प्रतिभाओं’ को भी ढूंढ पा रहे हैं, जो पहले कागजी फाइलों में दबी रह जाती थीं।

भर्ती हुई तेज, पर बढ़ गई है परख

सर्वे के अनुसार, 80 प्रतिशत कंपनियां मानती हैं कि एआई ने उम्मीदवारों के कौशल को आंकना बहुत सरल बना दिया है। पहले जिस भर्ती प्रक्रिया में महीनों लगते थे, अब वह एआई की मदद से 76 प्रतिशत तेजी से पूरी हो रही है। हालांकि, भारत में 74 प्रतिशत नियोक्ताओं को अब भी योग्य उम्मीदवार खोजने में पसीने छूट रहे हैं। महामारी से पहले के मुकाबले भारत में भर्ती की गतिविधियां 40 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं, लेकिन मांग और सप्लाई के बीच एक बड़ा अंतर बना हुआ है।

नकली और असली आवेदनों की पहचान

आजकल एआई के जरिए कई उम्मीदवार ‘सजा-धजा’ कर आवेदन भेजते हैं, जिन्हें पहचानना कंपनियों के लिए सिरदर्द बन गया है। लगभग 48 प्रतिशत नियोक्ताओं का कहना है कि सही और भ्रामक आवेदनों के बीच फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। लेकिन घबराने की बात नहीं है, क्योंकि एआई खुद इन जाली आवेदनों को छांटने में भी माहिर है। भविष्य में करीब 80 प्रतिशत कंपनियां अपने लक्ष्यों को पाने के लिए पूरी तरह एआई आधारित टूल्स पर निर्भर रहने वाली हैं।

युवाओं के लिए क्या है संदेश?

एआई की मौजूदगी का सीधा मतलब है कि अब केवल डिग्री से काम नहीं चलेगा। अब कंपनियों के पास ऐसे टूल्स हैं जो आपकी ताकत, कमजोरी, कौशल और यहां तक कि आपके व्यवहार का भी बारीकी से मूल्यांकन कर सकते हैं। नौकरी चाहने वाले युवाओं को अब अपनी क्षमताओं को अधिक स्पष्ट और पेशेवर तरीके से पेश करना होगा। बदलते दौर में तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना ही सफलता की एकमात्र चाबी है।

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