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रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिला स्थित हेसला में सोमवार को एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। यहाँ रुंगटा ग्रुप के झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में अचानक फर्निश (भट्टी) ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में वहां कार्यरत 9 मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं, जिनमें से 5 की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
हादसे के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार देकर बेहतर इलाज के लिए रांची के देव कमल अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, चार अन्य मजदूरों का उपचार रामगढ़ के होप हॉस्पिटल में चल रहा है। घायलों में अशोक बेदिया, बृजलाल बेदिया, सुरेश बेदिया समेत नौ लोग शामिल हैं, जो इस समय मौत से जूझ रहे हैं।
आक्रोशित परिजनों का धरना और 8-सूत्रीय मांग
घटना की खबर फैलते ही मजदूरों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने प्लांट के मुख्य गेट को जाम कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के सामने 8-सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:
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गंभीर घायलों का देश के सबसे अच्छे अस्पतालों में मुफ्त इलाज।
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मृत्यु की स्थिति में परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
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आश्रितों को सरकारी नियम के अनुसार नौकरी और पेंशन।
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सभी मजदूरों का पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) का लाभ।
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काम के घंटों को 8 घंटे तक सीमित करना और न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना।
राजनीतिक जमावड़ा और तनावपूर्ण स्थिति
मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए प्लांट के बाहर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का तांता लग गया है। विधायक ममता देवी, कांग्रेस नेता शहजादा अनवर और भाजपा नेता कुंटू बाबू सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने धरने को अपना समर्थन दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ अनुराग कुमार तिवारी और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है।
फिलहाल, प्रशासन, प्लांट प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता जारी है, लेकिन मुआवजे की राशि पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। इस गतिरोध के कारण प्लांट का कामकाज पूरी तरह ठप है और बाहर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

