रांची: झारखंड का सुप्रसिद्ध जगन्नाथपुर मंदिर शुक्रवार को उस समय दहल उठा, जब वहां तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा का लहूलुहान शव मंदिर परिसर में मिला। यह मामला केवल हत्या का नहीं बल्कि लूट और धार्मिक स्थल के अपमान से भी जुड़ा है, जिसने स्थानीय लोगों और आदिवासी संगठनों के सब्र का बांध तोड़ दिया है।
साजिश, कत्ल और लूट की खौफनाक रात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार देर रात की है। बताया जा रहा है कि एक शातिर चोर मंदिर की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हुआ। उसने वहां गहरी नींद में सो रहे सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा पर जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद बेखौफ अपराधी ने मंदिर की दान पेटी का ताला तोड़ा और उसमें रखे 5 लाख रुपये से अधिक की नकदी लेकर रफूचक्कर हो गया। सुबह जब श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए।
सड़कों पर उतरा गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही आदिवासी संगठनों के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। जगन्नाथपुर के आसपास टायर जलाकर और बांस-बल्लियां लगाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे मंदिरों को भी निशाना बना रहे हैं। स्थिति बिगड़ती देख डीएसपी पीके मिश्रा और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जांच की सुई और पुलिस की कार्रवाई
पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी है। रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर अब तक चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पकड़े गए एक आरोपी ने वारदात में शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के जरिए कड़ियां जोड़ रही है।
बिरसा मुंडा के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि इस जघन्य कांड का खुलासा जल्द ही कर दिया जाएगा। फिलहाल, मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।



