Bokaro News: बोकारो जिले के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में 23 अगस्त की रात हुई फायरिंग कांड ने उस समय सनसनी फैला दी थी। शुरुआती शिकायत में पीड़ित अभिषेक प्रताप सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके पुराने ऑफिस पार्टनर चंद्रमोहन ओझा और उनकी पत्नी अर्चना ओझा ने पूर्व विवाद के कारण उन पर जानलेवा हमला कराया। लेकिन पुलिस जांच में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर नगर डीएसपी आलोक रंजन की अगुवाई में गठित विशेष टीम ने मामले की गहन छानबीन की। जांच में पता चला कि अभिषेक प्रताप सिंह ने अपने ही चचेरे भाई मंधीर कुमार सिंह के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी। दोनों ने खुद पर गोली चलवाकर झूठे तरीके से ओझा दंपत्ति को फंसाने का षड्यंत्र किया।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। तलाशी में उनके पास से एक लोडेड 7.62 एमएम का देशी पिस्तौल, 19 जिंदा कारतूस, एक खोखा, घटना में प्रयुक्त काली पल्सर बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ सेक्टर-12 थाना में कांड संख्या 115/25 के तहत आर्म्स एक्ट की कई धाराओं में नया मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी समेत कुल 13 जवान शामिल थे।

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