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रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का पिटारा खोल दिया है। गुरुवार को राजधानी रांची में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के नए चरण के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल कागज पर योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उसे अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
600 अस्पतालों में वीआईपी इलाज की सुविधा
इस नई बीमा अवधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब झारखंड के सरकारी कर्मचारी और उनके आश्रित न केवल राज्य में, बल्कि देश के 600 से अधिक प्रतिष्ठित अस्पतालों में बिना पैसे दिए (कैशलेस) इलाज करा सकेंगे। योजना के दायरे में दिल्ली, वेल्लोर, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सीजीएचएस (CGHS) दरों पर इलाज होने से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि सरकारी खजाने और कर्मचारियों की जेब पर भी बोझ कम होगा।
बीमा राशि 5 लाख से बढ़कर हुई 15 लाख
सरकार ने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए अबुआ कार्ड के तहत बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 15 लाख रुपये कर दिया है। यह कदम गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाले भारी खर्च को देखते हुए उठाया गया है। योजना के तहत ओपीडी (OPD), दवाओं का खर्च, फॉलोअप और यात्रा भत्ता जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब 2 लाख कर्मचारी इस योजना का हिस्सा हैं, जिनसे उनके परिवार सहित कुल लाभार्थियों की संख्या 7 लाख के पार पहुंच गई है।
मेडिको सिटी और रिम्स-2 : भविष्य का रोडमैप
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए कहा कि सरकार मेडिको सिटी और रिम्स-2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। राज्य में मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में झारखंड के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों की ओर न देखना पड़े।
कार्यक्रम के अंत में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस ऐतिहासिक मौके पर एनएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा, टाटा एआईजी के प्रतिनिधि और 33 कर्मचारी महासंघों के पदाधिकारी मौजूद रहे। यह समझौता झारखंड के स्वास्थ्य इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

