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गुमला/चैनपुर: चैनपुर थाना क्षेत्र में पिछले साल जून महीने में हुई मवेशी चोरी की घटना में पुलिस को आखिरकार बड़ी सफलता मिल गई है। लंबे समय से फरार चल रहा नामजद अभियुक्त रमजान मियां (36 वर्ष), पिता—इसाक मियां, निवासी बरवेनगर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला ग्रामीणों के बीच काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि चोरी हुए मवेशियों को पहचान छिपाने की कोशिश में गुमला के मशहूर पंसो बाजार में बेचे जाने की बात सामने आई थी।
घटना बेन्दोरा गांव की है, जहाँ बीते वर्ष तीन बैल और दो बाछी अज्ञात चोरों द्वारा गोहाल से चुरा लिए गए थे। पीड़ित कालेश्वर लोहरा, सुरीत उरांव और केश्वर नायक ने चोरी के बाद पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर चैनपुर थाना में कांड संख्या 29/25, दिनांक 10/06/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(a) और 331(4) में मामला दर्ज किया गया था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस की नजर मुख्य आरोपी रमजान मियां पर टिकी, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) निर्गत होने के बाद भी वह फरार था, जिससे पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी चुनौती बन गई थी।
इसी दौरान चैनपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अभियुक्त अपने ही इलाके में छिपकर रह रहा है। इसके बाद एसआई अशोक कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और रणनीतिक तरीके से छापेमारी कर रमजान मियां को धर दबोचा गया। पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत में प्रस्तुत किया, जहाँ से उसे सीधे जेल भेज दिया गया।
एसआई अशोक कुमार ने बताया कि चैनपुर क्षेत्र में मवेशी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि वारंटियों और फरार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में चोरी, तस्करी और संबंधित अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की कड़ी कार्यवाही से अपराधियों का मनोबल टूटेगा और मवेशी चोरी की घटनाएं कम होंगी। 

