Ranchi : झारखंड भाजपा ने राज्य के शिक्षा विभाग पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले दो वर्षों में लगभग 75 करोड़ रुपये का “आधार स्कैम” किया गया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि शिक्षा विभाग और एमकेएस एंटरप्राइज की मिलीभगत से आधार एनरोलमेंट व बायोमेट्रिक अपडेट के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली हुई है।

अजय साह के अनुसार टेंडर दस्तावेज, वर्क ऑर्डर, जेईपीसी निदेशक के पत्र और आरटीआई से प्राप्त सूचनाओं में स्पष्ट है कि छात्रों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान सरकार द्वारा जेईपीसी को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को देना था। इसके बावजूद एमकेएस एंटरप्राइज ने राज्यभर के स्कूलों और 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही की, जिससे लगभग 36 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई।

साह ने आरोप लगाया कि इतनी ही राशि केंद्र सरकार से भी एनरोलमेंट के नाम पर ली गई, वहीं करीब 500 आधार सुपरवाइजर्स से ‘सिक्योरिटी मनी’ के रूप में 2.5 करोड़ रुपये और वसूले गए। आरोप के मुताबिक सुपरवाइजर्स से नौकरी देने के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए गए और सैलरी मांगने पर उन्हें धमकाया गया।

भाजपा ने यह भी दावा किया कि एमकेएस एंटरप्राइज अन्य राज्यों में भी फर्जी आधार गतिविधियों में शामिल है और मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, जेईपीसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच और एजेंसी को तुरंत ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।

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