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Ranchi : झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स की रियल एस्टेट और अर्बन डेवलपमेंट उप समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक चेंबर भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप समिति चेयरमैन अंचल किंगर और अलोक सरावगी ने संयुक्त रूप से की। इसमें राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी प्रमुख समस्याओं और सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सर्वप्रथम इस बात पर ज़ोर दिया गया कि बिल्डरों के रजिस्ट्रेशन को केवल एक वर्ष के लिए वैध रखा जाता है, जिससे उन्हें हर साल नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। चेंबर ने इस रजिस्ट्रेशन को तीन वर्षों के लिए वैध करने की मांग करते हुए बताया कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग से पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
स्टैग पार्किंग को मिले मान्यता
एक और अहम मुद्दा स्टैग पार्किंग को लेकर सामने आया। बैठक में बताया गया कि अन्य कई राज्यों में स्टैग पार्किंग को मान्यता प्राप्त है, लेकिन झारखंड में अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। चेंबर ने इसे राज्य में जल्द से जल्द लागू करने की मांग की, जिससे शहरी यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।
मास्टर प्लान और लैंड यूज नीति की हो समीक्षा
इसके अलावा, समिति ने यह भी सुझाव दिया कि शहरी नियोजन को अधिक प्रभावी और अद्यतित बनाने के लिए राज्य सरकार को हर पांच साल में मास्टर प्लान और लैंड यूज नीति की समीक्षा और संशोधन करना चाहिए। यह सुझाव दिया गया कि सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए ताकि योजना अनुसार विकास सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित हुआ कि चेंबर की यह उप समिति नए चेंबर भवन के निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध कराने में सहायता करेगी। इसके लिए संबंधित विभागों से संपर्क कर पत्राचार किया जाएगा।
इस बैठक में चेंबर के अध्यक्ष परेश गट्टानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा, सदस्य विकास मोदी समेत अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती देने हेतु समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

