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रांची। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आईकेएस डिवीजन के निर्देश पर 29 मार्च 2025 को झारखंड राय विश्वविद्यालय में सिद्धांत नॉलेज फाउंडेशन (आईकेएस शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका विधिवत उद्घाटन झारखंड राय विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो डॉ पीयूष रंजन ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यशाला को रांची विश्वविद्यालय के कुलपति की ओएसडी डॉ स्मृति सिंह, डोरंडा कॉलेज के प्राचार्य डॉ राज कुमार शर्मा एवं झारखंड राय विश्वविद्यालय के डॉ कुमार अमरेंद्र ने सम्बोधित किया। तीनों विशेषज्ञ सिद्धांत नॉलेज फाउंडेशन के उन्नत प्रमाणित आईकेएस प्रशिक्षक हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया गया है। कार्यशाला के पहले सत्र को सम्बोधित करते हुए डॉ स्मृति सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा भारतीय ज्ञान परंपरा के सहारे ही भारत का विश्व गुरु बनने का सपना पूरा होगा। डॉ कुमार अमरेंद्र ने पारंपरिक शोध पद्धति तंत्रयुक्ति पर अपने विचार रखे। दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए डॉ राज कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा करते हुए कहा शिक्षकों को भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में गहरी समझ छात्रों को एक बेहतर और व्यापक शिक्षा प्रदान करने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों को सफल और सार्थक जीवन जीने के लिए कौशल विचार प्राप्त होंगे। इस कार्यशाला में झारखंड के 16 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कुल 85 संकाय सदस्यों को नामित किया गया था। उन्हें शिक्षा मंत्रालय से प्रमाण पत्र प्राप्त होंगे।
झारखंड राय विश्वविद्यालय देश के 13 विश्वविद्यालयों में शामिल
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आईकेएस डिवीजन के निर्देश पर देश भर में आयोजित किये जा रहे भारतीय ज्ञान परंपरा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए 13 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का चयन किया गया है, जिनमें झारखंड राय विश्वविद्यालय भी शामिल है। वहीं, झारखंड राय विश्वविद्यालय के दो शिक्षक आईकेएस मास्टर ट्रेनर के रूप में भी चयनित हैं। इससे विवि में हर्ष का माहौल है।

