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Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में गहराते जल संकट और बिजली की बदहाली को लेकर राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आह्वान पर हजारों कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहीद चौक से शुरू हुआ यह विशाल जुलूस समाहरणालय तक पहुंचा, जहां नेताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन को चेतावनी दी।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक सीपी सिंह ने किया। नेताओं ने एक सुर में कहा कि राजधानी की जनता प्यासी है और अंधकार में रहने को मजबूर है, जबकि सरकार अपनी विफलताओं पर मौन साधे हुए है।
नेताओं के कड़े प्रहार:
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आदित्य साहू: “जो सरकार जनता को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दे सकती, उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
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संजय सेठ: “अगर राजधानी का यह हाल है, जहां पूरी सरकार बैठती है, तो सुदूर गांवों की स्थिति कितनी भयावह होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।”
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अर्जुन मुंडा: “प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जनता त्राहिमाम कर रही है और सरकार संवेदनहीन हो चुकी है।”
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सीपी सिंह: “यह केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जनता के हक की लड़ाई है। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक समाधान नहीं होता।”
जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गर्मी की शुरुआत के साथ ही घंटों बिजली कटौती से छात्रों की पढ़ाई और व्यापार चौपट हो गया है। वहीं, चापाकलों के सूखने और जलापूर्ति की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले कुछ दिनों में बिजली और पानी की आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा। प्रदर्शन के बाद एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें तत्काल राहत कार्यों की मांग की गई है।

