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रांची: झारखंड की राजधानी रांची अब डिजिटल सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिखने जा रही है। जिला प्रशासन ने आगामी ‘जनगणना-2027’ को सुगम और आधुनिक बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने 10 मई 2026 को पूरे जिले में एक विशेष “SELF ENUMURATION DRIVE” (स्वगणना अभियान) आयोजित करने का आह्वान किया है।
एक घंटे का विशेष समय, डिजिटल भागीदारी का संदेश
प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि रविवार, 10 मई को दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच नागरिक बड़ी संख्या में ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी गणना स्वयं करें। उपायुक्त के अनुसार, यह अभियान न केवल समय की बचत करेगा बल्कि सरकारी डेटा की सटीकता में भी मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में विभिन्न विभागों के कर्मी और अधिकारी खुद अपनी स्वगणना कर इस अभियान को गति दे रहे हैं। पंचायत सचिवालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता फैले।
कैसे करें स्वगणना?
प्रक्रिया बेहद सरल और सुरक्षित है। नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा और वहां मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक ‘SE-ID’ प्राप्त होगी। इस आईडी को संभाल कर रखना जरूरी है, क्योंकि जब बाद में प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो आपको बस यह आईडी उन्हें दिखानी होगी। इससे घर-घर जाकर होने वाली लंबी पूछताछ से आपको राहत मिलेगी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह ऐच्छिक है। जो लोग ऑनलाइन विवरण नहीं भर पाएंगे, प्रगणक उनके घर जाकर 16 मई से 14 जून के बीच जानकारी लेंगे।
गोपनीयता की पूरी गारंटी
जनगणना को लेकर अक्सर लोगों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर सवाल होते हैं। इस पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत प्रत्येक नागरिक की जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी। यह डेटा एन्क्रिप्टेड सर्वर पर सुरक्षित रहता है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसका किसी भी प्रकार की पुलिस जांच या टैक्स संबंधी कार्यों में उपयोग नहीं किया जा सकता।
विकास में आपकी भागीदारी
‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के नारे के साथ प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सही जनगणना ही आने वाले वर्षों में जिले की योजनाओं और बजट का आधार बनेगी। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है।

