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Patna: बिहार सरकार में कला एवं संस्कृति विभाग के नए मंत्री के रूप में डॉ. प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को अपना पदभार संभाल लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने विभाग की प्राथमिकताओं का खाका पेश किया, जिसमें सबसे ऊपर समाज में फैल रही सांस्कृतिक गंदगी यानी फूहड़ और अश्लील गानों पर लगाम कसना है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे गानों का समाज और लोगों की मानसिकता पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
अश्लीलता के खिलाफ कड़ा रुख
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, “अश्लील गानों से हमारी मनोवृत्ति खराब होती है और यह हमारी समृद्ध लोक परंपराओं के विरुद्ध है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे गानों पर रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। मंत्री का मानना है कि इस कदम से समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी और वे स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।
कलाकारों को प्रोत्साहन और नई बहाली
विभाग की अन्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य की लोककलाओं, संग्रहालयों और रंगमंच से जुड़े युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। जब उनसे स्कूलों और कॉलेजों में नाट्य शिक्षकों की बहाली के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय अधिकारियों के साथ इस विषय का अध्ययन कर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
फिल्म और पेंशन योजनाओं पर जोर
मंत्री ने विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना’ और ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ जैसी योजनाओं को और प्रभावी बनाने की बात कही। साथ ही, बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और फिल्म सब्सिडी को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा।

