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Chennai: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को जहां एग्जिट पोल्स में बढ़त दिखाई गई थी, वहीं वास्तविक रुझानों में पार्टी तीसरे स्थान पर खिसकती नजर आ रही है। इस अप्रत्याशित स्थिति ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ का माहौल पूरी तरह बदल दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुबह से ही जीत के जश्न की तैयारी में लगाए गए टेंट और सजावट को अब हटाया जा रहा है।
पार्टी कार्यालय के बाहर जुटी समर्थकों की भीड़ भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है और मायूस कार्यकर्ता घर लौटने लगे हैं। शुरुआती रुझानों ने न केवल कार्यकर्ताओं बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।इस चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) करती नजर आ रही है। रुझानों के अनुसार पार्टी 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। यदि ये रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव साबित होगा।
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। वे अपनी कोलाथुर सीट पर TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू से शुरुआती राउंड की गिनती के बाद करीब ढाई हजार वोटों से पीछे चल रहे थे। वहीं तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से विजय को बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
वहीं दूसरी तरफ अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी अपनी सीट पर मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। गौरतलब है कि अधिकांश एग्जिट पोल्स में DMK को बढ़त मिलने का अनुमान लगाया गया था, जिसका आधार मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में लागू की गई कल्याणकारी योजनाएं और तथाकथित “द्रविड़ मॉडल” था। हालांकि मौजूदा रुझान इन अनुमानों के विपरीत तस्वीर पेश कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक ताकत का उदय होने जा रहा है या फिर रुझान अंत तक बदल सकते हैं।

